शुक्र स्तोत्र: शुक्रवार को करें इस स्तोत्र का पाठ, कुंडली में शुक्र ग्रह होगा मजबूत, अपार धन और संपत्ति की प्राप्ति होगी
शुक्र स्तोत्र का पाठ ऐसे करें: शुक्रवार के दिन स्नान करके सफेद वस्त्र धारण करें। इसके बाद तांबे के लोटे से सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करें। फिर माता लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा के बाद सफेद या कुश के आसन पर बैठें और शुक्र देव का ध्यान करके स्तोत्र का पाठ करें। चूंकि यह संस्कृत में है, इसलिए इसे धैर्यपूर्वक पढ़ें, जल्दबाजी न करें। अंत में, किसी भी त्रुटि के लिए क्षमा याचना करें।
शुक्र मंत्र
शुक्र एकाक्षरी बीज मंत्र- ‘ॐ शुं शुक्राय नम:।
तांत्रिक मंत्र- ‘ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
शुक्र स्तोत्र
नमस्ते भार्गव श्रेष्ठ देव दानव पूजित।
वृष्टिरोधप्रकर्त्रे च वृष्टिकर्त्रे नमो नम:।।
देवयानीपितस्तुभ्यं वेदवेदांगपारग:।
परेण तपसा शुद्ध शंकरो लोकशंकर:।।
प्राप्तो विद्यां जीवनाख्यां तस्मै शुक्रात्मने नम:।
नमस्तस्मै भगवते भृगुपुत्राय वेधसे।।
तारामण्डलमध्यस्थ स्वभासा भसिताम्बर:।
यस्योदये जगत्सर्वं मंगलार्हं भवेदिह।।
ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः: यह एक तांत्रिक मंत्र है, जिसे ग्रह शुक्र से विशेष फल प्राप्त करने के लिए जप सकते हैं। कहा जाता है कि इस मंत्र का 16,000 बार जाप करने से, शुक्र ग्रह की खराब स्थिति होने पर भी उसे प्रसन्न किया जा सकता है।
ॐ शुं शुक्राय नमः: यह शुक्र ग्रह के लिए एक बीज मंत्र है, जिसमें केवल एक अक्षर होता है।
ॐ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः: यह मंत्र शुक्रवार के दिन जपने के लिए उपयुक्त है।
ॐ भृगुराजाय विद्महे दिव्य देहाय धीमहि तन्नो शुक्र प्रचोदयात्: यह भी एक मंत्र है जिसे शुक्रवार को जप सकते हैं।
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